भोपाल। सालों से लंबित समाज की अनेकों समस्याओं के शीघ्र निराकरण हेतु पहली बार प्रांतीय सिंधी महापंचायत के तत्वावधान में राजधानी भोपाल में धरना प्रदर्शन किया गया। इसमें मध्यप्रदेश के अनेक शहरों से पंचायतों के पदाधिकारी गण सहित समाजसेवियों ने उपस्थिति दर्ज कराकर सरकार के प्रति अपना ध्यानाकर्षण व्यक्त कराया। मध्यप्रदेश के इतिहास में यह पहला अवसर है जब प्रत्येक शहर की पंचायतें धरने पर बैठी। महापंचायत के अध्यक्ष नितेश लाल एवं महासचिव संजय रोहरा ने जानकारी देते हुए बताया बुरहानपुर के तीन बार अग्नि कांड से 68 पीड़ित दुकानदारों की समस्या का विगत 15 वर्षों से सरकार के राजपत्र अधिसूचना जारी होने के बाद हाई कोर्ट के निर्णय के पश्चात अफसरों की लापरवाही के कारण आज तक दुकानों का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है और ना ही आंवटन की कोई प्रक्रिया हुई है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री द्वारा 31 मार्च को समाज हित में की गई घोषणाओं का क्रियान्वन भी नहीं हुआ।
और मध्यप्रदेश के कई जिलों में पट्टों की समस्या के निराकरण के आदेशों के बाद भी अधिकारियों द्वारा निराकरण नहीं किया जा रहा है। इन सब बातों को लेकर हमने समाज की लंबित मांगों के संबंध में प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान जी को अपने समाज के प्रति नाकर्षण कराने हेतु और समस्याओं के शीघ्र अति शीघ्र निराकरण हेतु एक दिवसीय सांकेतिक धरने का आयोजन किया धरने में मौजूद राष्ट्रीय संगठनों एवं 100 से अधिक पंचायतों ने भाग लेकर सरकार के प्रति अपना रोष प्रकट किया है. नारी समस्याओं का निराकरण शीघ्र नहीं किया गया तो हम निकट भविष्य में अनिश्चितकालीन धरने पर भी बैठने का चार करगें। इस धरने में भगवानदेव इसरानी, जयकिशनलाल चंदानी, जगदीश साहिता, विजय पाहूजा, रमेश सुखरमानी, बंटी गोगिया व प्रदेशभर से आए अनेकों-अनेक लोग उपस्थित थे।






