SHASHI KUMAR KESWANI
जिस मां ने हमें उंगली पकड़ कर चलना सिखाया, उसे भी कभी हमारा हाथ थाम कर चलना पड़ सकता है, यह हम कहां सोच पाते हैं। उम्र के इस मोड़ पर मां को भी बच्चों के स्नेह और देखभाल की जरूरत पड़ने लगती है…। मडर्स डे के अवसर पर मां से जुड़े कुछ ऐसे ही रेशमी एहसासों की बारीक बुनावट को समझने की कोशिश कर रहे हैं। मां पर महाकाव्य तो लिखा जा सकता है, पर उन पर शोध प्रबंध तैयार करना मुश्किल है। जो कुछ मां ने सहा, उसे शब्दों की माला पहनना
अलग ही अनुभव है…….:शशी कुमार केसवानी
मैं और मेरी मां

तुमको पता है आज मातृत्व दिवस है…तुमको शुक्रिया कहने का दिन…..वैसे तो कोई दिन, कोई लम्हा नहीं, जब तुमको याद ना करती हूँ में। ये मुआ कोरोना क्या आ गया था, तुमसे मिलना दुश्वार हो गया था। वरना शाम की एक कप चाय, और तुम्हारे हाथ का बना कुछ नाश्ता किए बिना दिन पूरा ना होता मेरा पर अब सब ठीक है.. तुम और में अब रोज मिलते हें। तुम मेरी जान हो, समझीं! कितना भी लड़ूँ, झिकझिक करूँ, अपने काम करवाऊँ, तुमसे जिÞद करूँ.. बुरा ना माना करो। अधिकार है मेरा तुम पर। पूरा पूरा। प्यार करती हूँ आपसे बहुत बहुत सारा। सब कुछ एक तरफ, और आप एक तरफ। सारे दर्द, सारी मुश्किलें, सारी तकलीफें खत्म, जब आप हो सामने…. एक तुम ही हो, जिस के सामने आज भी लगता है में बच्ची ही तो हूँ….. जिÞद कर सकती हूँ… जो चाहे माँग सकती हूँ…जैसी हूँ, वैसी रह सकती हूँ….कोई दिखावा नहीं, आडम्बर नहीं…
दिव्या तिवारी शर्मा, महिला व्यवसाय, भोपाल
मां के बिना जिंदगी वीरान होती है तन्हा सफर में हर राह सुनसान होती है जिंदगी में मां का होना जरूरी है मां की दुआओं से ही हर मुश्किल आसान होती है।

माँ ने मुझे चलना सिखाया, माँ ने मुझे हर मुश्किल से लड़ना सिखाया। माँ ने ही मुझे मिल के जीना सिखाया। माँ हैं तो संस्कार हैं, माँ हैं तो ये संसार हैं। माँ तुम बहुत याद आती हो, मेरी भीगी-भीगी पलकों में समा जाति हो आज भी तुम्हारी खुशबू मुझे आती हैं आज भी तुम्हारी याद मुझे सताती हैं। माँ ही दुर्गा! माँ ही सरस्वती। माँ ही सर्व शक्तिमान हैं। माँ तुझे नमन!
रचना सिंह,
इंडस्ट्री डवलपमेंट, कंसल्टेंट, भोपाल

माँ … जिस दिन तुमने मुझे अपना बेटा मान लिया
बस उसी दिन मैंने ठान लिया मैं वो सब करूँगी
जिसकी आशा एक माँ को अपने बेटे से होती है
जब कंधा दिया माँ तुम्हारी अर्थी को लगा जीवन का अर्थ मिल गया। जब अग्नि दी तुम्हारी चिता को लगा मेरा जीवन सफल हो गया। जब मटकी से पानी लुढ़काया, हाथ कंपकपाए, कदम लड़खड़ाए तुम्हारी चिंता की जब तीन परिक्रमा लगाईं यूँ लगा सारा ब्रह्मांड जीत ले आई। माँ तुमने मुझे इतना निडर बनाया। समाज में सर अपना ऊँचा रखना सिखाया
यूँ ही नहीं कहते माँ के चरणों में ईश्वर का वास है,
बस तुम्हारे बिना माँ मेरी दुनिया उदास है।
अल्पना द्विवेदी लघाटे,
HR कंसल्टेंट भोपाल

मैं आज बहुत ज्यादा तो नहीं पर जो भी कर रही हूं उससे बहुत खुश हूं। मेरी माँ ने मुझे चलना सिखाया, लड़ना सिखाया, जिÞद करना सिखाया, रिश्तों को बनाना सिखाया संक्षेप में कहूं तो मेरे नाम को सही सार्थक बनाया। मेरी माँ से मेरा बहुत प्यारा रिश्ता है बल्कि आज मेेंं जो कुछ भी हु सिर्फ़ मेरी माँ से हूं।
डॉ. तपस्या तोमर
एंकर और संपादक

जब छोटी थी तब माँ किसी हीटलर से कम नहीं थी… लेकिन वो हीटलर गिरी भी सिर्फ हमारे भले के लिए मैं बहुत पढ़ने वाली नहीं थी.. पर फिर भी उन्होंने मेरे पीछे इतनी मेहनत की कि मैं टॉपर बन गई.. अकेले जॉब करके दो बच्चों को पालना आसान नहीं होता…फिर भी कभी मुझसे या मेरे भाई से ये उम्मीद नहीं की कि घर के काम में हम उनकी कोई मदद करें…सुबह 4 बजे से शुरू हुआ उनका सफर रात 12 बजे चलता -उस पर भी न कभी खुद के बारे में सोचा न समाज के बारे में ..फिर कब ये हीटलर से मेरी दोस्त बन गई पता नहीं चला …हर बार यही सीख दी की खुद पर से विश्वास हटने देना कमी .. समाज कितना भी झुकाये टूटना मत कभी…और खुद को इतना मजबूत करो की कोई परेशानी तुम्हे तोड़ ना पाए …उनसे खाना बनाना सीखना अभी बचा है पर जिन्दगी की गाड़ी को चलाना सीख गई हूँ… थँक्स मां मुझे इतना मजबूत और बनाने के लिये..
संयुक्ता बेनर्जी,
न्यूज रीडर, एयर भोपाल

मां आई अम्मा, माता, मम्मी चाहे किसी भी नाम से पुकारा जाए। मां तो बस मां होती है। हमारे लिए हमेशा आंखों में एक अलग ही चमक लिए रहती है। इस नाम में ही इतना प्यार छुपा रहता है, जैसे भक्त के मन में भगवान रहता है। मेरी मां हमेशा आज भी ऐसे ही ख्याल रखती है, जैसे छोटे बच्चे का रखा जाता है। उनका प्यार हमेशा झलकता हुआ दिखता है। ऐसे शब्द नहीं है जिससे मैं साबित कर सकूं कि मेरी मां मेरे लिए क्या है।
नेहा जैमिनी,
सीनियर एक्ज्यूकेटिव व फोटोग्राफर, भोपाल

आज के दिन ही नहीं हर रोज दिल के करीब रोम-रोम में समाई रहती है मां। मेरे पूरे व्यक्तित्व को निखारने में मेरे को हर ऊंचाईयों पर पहुंचाने में मेरी मां का जो योगदान है उसे किसी शब्दों में लिखा नहीं जा सकता। न ही बयान किया जा सकता है। मैंने बहुत कोशिश की मां के ऊपर बहुत कुछ लिखू पर सारे शब्द छोटे पड़ जाते है। बस मां पर आकर ठहर जाती है।
चिना सहगल डिगरा,
मिसेस इंडिया, यूनिवर्स इंटरनेशनल, नई दिल्ली

वैसे तो सबके जीवन में उसका कोई ना कोई प्रेरणा स्त्रोत अवश्य ही होता है, जिसके कार्यों या बातों द्वारा वह प्रभावित होता है लेकिन मेरे जीवन में यदि कोई मेरा प्रेरणा स्त्रोत रहा है तो वह मेरी माँ है। उनके मेहनत, निस्वार्थ भाव, साहस तथा त्याग ने मुझे सदैव ही प्रेरित करने का कार्य किया है। उन्होंने मुझे सामाजिक व्यवहार से लेकर ईमानदारी तथा मेहनत जैसी महत्वपूर्ण शिक्षाएं दी हैं। यही कारण है कि मैं उन्हें अपनी सबसे अच्छी शिक्षक, मित्र तथा प्रेरक मानती हूं।
दीपा सोनी
(सामाजिक कार्यकर्ता भोपाल)

” माँ ” शब्द कितना मीठा हे जिनका नाम सुनते ही हमारा ह्रदय प्यार से भर जाता हे। माँ ममता और प्यार की मूर्ति होती है जो अपने संतानों को ढेर सारा प्यार करती है यानि कि एक माँ अपनी संतानों के लिए खाने – पीने, सोने जगाने आदि का पूरा ख्याल रखती है यानिकि हर तरह का ख्याल रखती है और जब भी कोई संकट अपनी संतानों पर आता है तो सबसे ज्यादा चिंतित एक माँ ही होती है उस माँ को जब हम खो देते है तो वो हमें बहुत याद आती है।
दिव्या तंवर ठाकुर,
डायरेक्टर संस्कृति यूनिवर्सिटी एंड
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट, नई दिल्ली

Hota Duniya saath de na de, Par Maa ka pyaar kabhi kam nahi hota Always love your Mother because you will never get another. Of all the relations you make in life the relation with your Motheris always 9 months more !
Dr. Jyoti Jhangiani International Tarot Reader & Healer, Mumbai

My only go to person my mom!!A wave of nostalgia ran down my body,my daughter kept on telling me her tales of the day with all the enthusiasm. Today I was lost somewhere in my thoughts, I grew up as mummy’s girl.She has been my first teacher and continues with the same role till date..She is constantly worrying about new venture she still calls me to check late night if I was too tired whether I had dinnerMaa this word has most of everything affection, attention, attractionThis word has a gravitational force which will make you feel bury all your grief and worries …Maa has made me who I am today by standing on my side whenever I thought “not me” She said “only you’Thanks maa
Swarleen Kaur,
Founder Director the Talk Room Personality Coacht/Tedx Speaker, Dehradun

इंदौर की मशहूर मॉडल नीना छाबड़ा ने अपनी मां के साथ मदर्ड डे मनाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस दुनिया में मां से बढ़कर कोई नहीं है। उन्होंने हमारे हर सुख, दुख में हमेशा साथ दिया। मां की ममता की हमें कभी कमी महसूस नहीं हुई। ऐसी मां को मैं बार-बार प्रणाम करती हूं मां के लबों पर कभी बद दुआ नहीं होती, बस एक मां है, जो कभी खफा नहीं होती।
नीना छाबड़ा
इंदौर की मशहूर मॉडल






