शशी कुमार केसवानी

नमस्कार दोस्तों आइए आज बात करते हैं एक ऐसी अभिनेत्री की जो फिल्मों में एंट्री तो बाल कलाकार के रूप में की थी, लेकिन बाद में एक सफल बालीवुड अभिनेत्री बनी और लाखों दिलों की धड़कन बनी रहीं। हमारी जवानी के दिनों में स्कूल से जब कॉलेज पहुंचे थे, तब इस हीरोइन की ही चर्चा ज्यादा होती थी। हालांकि बाद वह एक सफल मां और सफल बहू के रूप में भी खूब जानी गर्इं। शादी भी एक ऐसे बड़े खानदान में हुई थी, जिसका परिचय फिल्मी इतना बड़ा है, जिस पर कई ग्रंथ लिखे जा सकते हैं। जी हां मैं बात कर रहा हूं आज कल सबसे ज्यादा रीलों में दिखने वाली और पति के निधन के बाद भी हर पार्टी में अपने अलग अंदाज के लिए पहचान रखने वाली कपूर खानदान की बहू नीतू सिंह की। जो आज भी अपने ग्लैमर से युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। साथ ही फिल्म इंडस्ट्री में एक अलग पहचान रखती हैं। ऊपर से खूबी यह है कि वह कब झोला उठाकर सब्जी खरीदने बाजार चली जाए और वहीं लोगों से बतियाने भी लगें। इतनी जमीनीतौर पर जुड़ी हुई कम ही अभिनेत्रियां होती हैं। पर मुंबई में मेरे घर की अब पड़ोसन भी हो गई हैं। जिन्हें मैं अक्सर आते-जाते देखकर यूं खुश होता हूं कि वह कई लोगों को हाथ हिलाकर अभिवादन भी स्वीकार करती जाती हैं।

नीतू कपूर का जन्म 8 जुलाई 1958 को हरनीत कौर के रूप में नई दिल्ली में पंजाबी सिख माता-पिता, दर्शन सिंह और राजी कौर सिंह के घर हुआ था। अपने पिता की मृत्यु के तुरंत बाद उन्होंने एक बाल कलाकार के रूप में अभिनय करना शुरू किया। 70-80 के दशक की सफल अभिनेत्री जो आज भी उतनी ही खूबसूरत हैं जितनी की पहले हुआ करती थीं। चुलबुली आंखों वाली अभिनेत्री नीतू सिंह को अपनी स्टाइल और एक्टिंग के लिये जाना जाता है। जिन्होंने न केवल लोगों के दिलों पर राज किया बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में भी वो मुकाम बनाया जो केवल सफल अभिनेत्रियों को ही हासिल होता है। बेहद खूबसूरत और बिन्दास अदाकाराओं में से एक मानी जाने वाली नीतू सिंह का का जन्म 8 जुलाई 1958 को दिल्ली में हुआ। नीतू सिंह का असली नाम सोनिया सिंह था लेकिन फिल्मों में आने के बाद इनका नाम नीतू सिंह हो गया और अभिनेता ऋषि कपूर के साथ शादी के बाद नीतू कपूर बन गईं। कुछ जगहों पर नीतू सिंह का असली नाम हरमीत कौर भी बताया जाता है। नीतू सिंह ने बचपन में ही एक्टिंग शुरू कर दी थी। 60 के दशक में उन्होंने दो कलियां, पवित्र पापी और वारिस जैसी फिल्मों में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में नजर आयीं और उन दिनों इनका स्क्रीन नेम बेबी नीतू या बेबी सोनिया हुआ करता था। नीतू बचपन में उन दिनों की मशहूर अभिनेत्री वैजयंती माला के डांस स्कूल की स्टूडेंट थी और वहीं से वैजयंती माला ने नीतू को फिल्म सूरज में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में काम करने को कहा। नीतू सिंह ने 8 साल की उम्र से ही फिल्मों में अभिनय की शुरूआत की। बाल कलाकार के रूप में उनकी पहली फिल्म सूरज थी जो 1966 में रीलीज हुई। सन् 1968 में उनकी प्रदर्शित फिल्म दो कलियां काफी लोकप्रिय रहीं। इस फिल्म में नीतू सिंह की दोहरी भूमिका को लोग शायद ही कभी भूल पाएंगे। फिल्म में उन पर फिलमाया गाना बच्चे मन के सच्चे आज भी लोगों के बीच बेहद हिट है और यही नहीं नीतू सिंह की मां राजी सिंह ने भी फिल्म रानी और लालपरी में नीतू सिंह की आॅन स्क्रीन मां का किरदार निभाया था।

एक समय था जब नीतू ने अपने बिंदास अंदाज और दमदार अभिनय से लोगों को अपना दिवाना बना रखा था। नीतू को बचपन से ही डांस का काफी शौक था। डांस के प्रति उनकी रूचि को देखते हुए उनकी मां राजी सिंह ने उन्हें चर्चित अभिनेत्री वैजयंती माला के डांस स्कूल में दाखिल करवा दिया और यहीं से शुरू हुआ नीतू का फिल्मी सफर, वैजयंती माला ने जब अपने स्कूल में उनका डांस देखा तो वो उनसे काफी प्रभावित हुईं और अपनी फिल्म सूरज में बाल कलाकार के रूप में काम करने के लिए कहा। जिसे उन्होंने तुरंत ही स्वीकार कर लिया। 60 के दशक में नीतू सिंह ने कई फिल्मों में बाल कलाकार के रूप में काम किया।

नीतू सिंह ने 1973 में आई फिल्म रिक्शावाला से अपने फिल्मी करियर की शुरूआत की। इस फिल्म में उनके साथ रणधीर कपूर मुख्य भूमिका में थे लेकिन फिल्म बॉक्स आफिस पर फ्लॉप साबित हुई।1973 में आई नासिर हुसैन की फिल्म यादों की बारात ने नीतू सिंह की जिंदगी में अहम भूमिका निभाई। इस फिल्म में उन्हें एक छोटा सा किरदार निभाने का अवसर मिला। फिल्म में उन पर एक गीत लेकर हम दीवाना दिल फिल्माया गाया था। उन दिनों में इस गाने को लेकर लोगों के बीच काफी क्रेज था। आज भी इस गीत को काफी पसंद किया जाता है और इसी गीत के साथ उनके सफल फिल्मी जीवन की शुरूआत हुयी। यादों की बारात की सफलता के बाद भी नीतू सिंह को लगभग दो वर्षों तक फिल्म इंडस्ट्री में संघर्ष करना पड़ा। इस बीच उन्होंने आशियाना और हवस जैसी फिल्मों में भी काम किया। 1973 से लेकर 1983 के बीच नीतू ने तकरीबन 60 फिल्मों में काम किया जिसमें से ज्यादातर फिल्में हिट रहीं। नीतू सिंह ने अभिनेता जीतेन्द्र की फिल्म वारिस में चाइल्ड आर्टिस्ट का किरदार निभाया था और कई सालों के बाद 70 के दशक में जीतेन्द्र के साथ ही प्रियतमा में लीड रोल किया। 1975 में नीतू कपूर हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री की सबसे व्यस्त अभिनेत्री मानी जाती थीं और लगभग 85 फिल्में उनके हाथ में थी और उनमें से अधिकतर फिल्में ऋषि कपूर, रणधीर कपूर और शशि कपूर के साथ थीं। नीतू कपूर ने धर्मेन्द्र, जीतेन्द्र, अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, ऋषि कपूर, शशि कपूर जैसे एक्टर्स के साथ कई फिल्में की। नीतू सिंह और ऋषि कपूर की जोड़ी ने न केवल पर्दे पर भी सबका दिल जीता बल्कि असल जिÞन्दगी में भी इनकी जोड़ी को लोगों ने खूब पसन्द किया। दोनों ने 11 से अधिक हिट फिल्में साथ में कीं और बाद में ये जोड़ी दो दूनी चार और जब तक है जान में एक साथ आयी। इस खूबसूरत जोड़ी को बेस्ट लाईफ टाईम जोड़ी 2011 एवार्ड भी मिला। ये जोड़ी हमेशा से आईडियल कपल के लिये जानी थी तो आईये आपको इस खूबसूरत जोड़ी की प्यारी सी लव स्टोरी के बारे में बताते हैं।

पसंदीदा जोड़ियों में दोनों का नाम था सबसे ऊपर
हिंदी फिल्मों की कई पसंदीदा जोड़ियों में ऋषि कपूर और नीतू सिंह का नाम काफी ऊपर आता है। नीतू सिंह को लोग ऋषि कपूर के साथ देखना ज्यादा पसंद करने लगे थे। इन्होंने साथ में जहरीला इंसान, जिंदादिल, कभी-कभी, अमर अकबर एंथनी, अनजाने, दुनिया मेरी जेब में, झूठा कहीं का, धन दौलत, दूसरा आदमी फिल्मों में काम किया और 70 के दशक की यह सुपरहिट जोड़ी असल में भी एक दूसरे के जीवन साथी बने। दोनों की मुलाकात बॉबी की शूटिंग के दौरान हुई थी। जहां नीतू दूसरी कोई फिल्म कर रही थीं।

नीतू की मासूमियत पर फिदा हो गए थे ऋषि
वहां ऋषि, नीतू की मासूमियत पर फिदा हो गए और नीतू सिंह देश की बाकी लड़कियों की तरह ऋषि के स्टार अंदाज पर फिदा हो गयीं थीं। उनकी एक साथ सबसे पहली फिल्म जहरीला इंसान आयी थी। हालांकि, यह फिल्म बहुत सफल नहीं हुई लेकिन इस फिल्म से दोनों दोस्त बन गए। ऋषि कपूर ने एक बार कहा था कि मेरा अपनी प्रेमिका से एक बार झगड़ा हुआ था और मैं दुखी था। उसे मनाने के लिए टेलीग्राम लिखने में मैंने नीतू की मदद ली । वक्त बीतने के साथ मुझे महसूस हुआ कि मेरे लिए नीतू ही बनी है। शूटिंग के लिए यूरोप जाने पर मैंने उसे टेलीग्राम भेज कर कहा कि ये सिखणी बड़ी याद आती है।

ऋषि की दोस्ती से प्यार का रिश्ता खेल खेल में में बदला
नीतू जब महज 14 साल की थीं, तभी से ऋषि को डेट करने लगी थीं। यह वह दौर था जब नीतू ने इंडस्ट्री में कदम ही रखा था। ऋषि अक्सर नीतू को सेट पर आदतन छेड़ते रहते थे, जिससे एक वक्त नीतू ऋषि से इरिटेट भी होने लगी थी। सेट पर ऋषि, नीतू को बहुत परेशान किया करते थे। जब नीतू मेकअप कर के बाहर निकलती थीं, तब ऋषि उनके चेहरे पर काजल लगा देते थे। इसके बाद धीरे-धीरे नीतू को ऋषि की यही शरारतें रास आने लगी और दोनों करीब आ गए। दोस्ती से प्यार का यह रिश्ता फिल्म खेल खेल में में बदला। इसी फिल्म के दौरान ऋषि कपूर और नीतू सिंह के बीच रोमांस शुरू हो गया । खेल खेल में के रिलीज होने के बाद बॉलीवुड में इन दोनों के प्यार की चर्चाएं शुरू हो गई ।

ऋषि ने नीतू के साथ 11 फिल्में की
पत्नी नीतू के बारे में ऋषि ने बताया- हमने साथ में ग्यारह फिल्में की हैं। शूटिंग के दौरान दिन के कई घंटे साथ बीतते थे, इसलिए प्यार तो होना ही था। चार साल डेटिंग के बाद हमने शादी कर ली । नीतू के रूप में मुझे बेहतरीन बीवी मिली है, और मेरे बच्चों को बेहतरीन मां मिली है। हम आम जोड़ों की तरह हैं, लड़ते हैं प्यार करते हैं और साथ रहते हैं। इस दौरान ऋषि कपूर ने जब तक है जान फिल्म का एक वाक्या भी सुनाया था। ऋषि कपूर ने बतया था कि इस फिल्म की शूटिंग के दौरान 4-5 दिन तक मेरे और नीतू के बीच झगड़ा चल रहा था। बात नहीं कर रहे थे, फिर भी हमने फिल्म का गाना सहजता से शूट किया। इसका मतलब यही निकलता है कि हम बुरे कलाकार नहीं हैं। ऋषि ने बताया कि जब तक है जान यश चोपड़ा के साथ उनकी आखिरी फिल्म थी। नीतू भी ऋषि कपूर के बारे में बात करते हुये कहती हैं कि उन्होंने दुनिया ऋषि की आंखों से देखीं हैं। क्योंकि वो 21 साल की थीं जब उनकी शादी हुई और ऋषि तब तक दुनिया घूम चुके थे। अब दोनों की शादी को कई साल हो गए हैं और वो अपने बच्चों, रिधिमा और रणबीर के साथ खुश हैं।

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, Challenge News Paper

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