शशी कुमार केसवानी
नमस्कार दोस्तों आइए आज बात करते हैं एक ऐसे गायक की जिसके गाने गाते हुए आप और हम भी चेहरे पर मुस्कुराहट ले आते हैं। मेरी नजर में शायद यह पहला सिंगर है, जिसके गाए हुए गीतों को सभी लोग गाते हुए चेहरे को मुस्कुराहट से भर लेते हैं। हालांकि इस सिंगर की शुरुआत बड़े संघर्ष हुई। अपने जमाने में रामलीला में गाना गाने वाला यह सिंगर आज कई भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेर रहा है। करीब 20 हजार गाने गाने वाला यह सिंगर विवादों से बचा नहीं रह सका। अपने पहले विवाह को लेकर लंबे समय तक विवाद में रहा। पर अंत में विवाद का निपटारा हो गया। गायक की खूबी यह है कि गाते समय हमेशा उसका चेहरे से मुस्कुराहट तो झलकती ही है, पर चेहरे पर एक अलग खुशी भी नजर आती है। जी हां दोस्तों मैं बात कर रहा हूं हर दिल अजीज गायक व मजेदार इंसान उदित नारायण की। जिससे कोई उदास व्यक्ति भी मिले तो चंद मिनटों बाद वह मुस्कुराता नजर आएगा। अपने अलग अंदाज में बात करने वाला और हर जगह हर स्थिति में एक गाना गा देने वाला उदित नारायण अपने दोस्तों और मिलने वालों के बीच में इतने साधारण तरीके से रहता है कि यह अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि वह इतना बड़ा गायक है। तो आईए उदित नारायण के कुछ अनछुए पहलुओं पर बात करते हैं।
उदित नारायण झा एक प्रसिद्ध भारतीय पार्श्वगायक हैं। वे भारत और नेपाल में एक प्रख्यात गायक के रूप में जाने जाते हैं। वर्ष 2009 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया। पद्म भूषण से 2016 में, उन्होंने तेलुगु, तमिल, मैथिली, मलयालम, कन्नड़, ओडिया, नेपाली, भोजपुरी, बंगाली सहित कई अन्य भाषाओं में भी गाया है। उन्होंने 4 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते हैं। (जिनमें से 3 गायक के रूप में, 2001 में 2 गीतों के लिए, 2002 और 2004 में प्रत्येक 1 और 2005 में निर्माता के रूप में 1) और 5 फिल्मफेयर पुरस्कारों में से 20 नामांकन के साथ कई अन्य। बॉलीवुड प्लेबैक में 1980 में अपनी शुरूआत के बाद भी उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। उन्हें तीन देशीय पुरस्कार तथा पांच फिल्म फेयर पुरस्कार मिले हैं। उदित नारायण का जन्म 1 दिसंबर 1955 को बिहार के सुपौल जिले के बायस गोठ गांव में हुआ । उन्होंने अपना पहला हिन्दी गाना मोहम्मद रफी के साथ गाया। उनके स्वर में जादू है। वे किशोर अवस्था से ही गायन कला के क्षेत्र में लग गये थे जो कि आज इस मुकाम पर है। संपूर्ण बॉलीवुड में उन्हें आज भी एक बेहतर गायक माना जाता है। नेपाल में अभी के समय में भी उनके स्वर से तुलना किसी भी गायक से नहीं की जा सकती है। उदित की मातृभाषा मैथिली हैं और वो बिहार के मिथिलांचल इलाके से आते हैं। जैसे कि नेपाल और भारत के बीच बेटी और रोटी का सम्बन्ध है उसी तरह उनका ननिहाल भारत के बिहार राज्य में है और वही पे उनका जन्म हुआ।
बॉलीवुड के जाने माने सिंगर उदित नारायण का एक जातीय मैथिल ब्राह्मण परिवार में एक नेपाली नागरिक हरेकृष्ण झा और एक भारतीय नागरिक भुवनेश्वरी झा के घर हुआ था। उदित नारायण ने सुपौल के जागेश्वर हाई स्कूल से पढ़ाई की जहां उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई पूरी की और बाद में नेपाल के काठमांडू में त्रिभुवन विश्वविद्यालय के रत्न राज्य लक्ष्मी परिसर से इंटरमीडिएट की डिग्री प्राप्त की। उनके पिता हरेकृष्ण झा एक किसान थे और उनकी मां भुवनेश्वरी देवी एक लोक गायिका थीं जिन्होंने उनके करियर को प्रोत्साहित किया। उदित नारायण बचपन से ही गाने के शौकीन थे। वह छोटे छोटे मंच पर गाया करते थे। लेकिन उन्हें अच्छा प्लेटफॉर्म नहीं मिल पा रहा था जिससे उन्हें लग रहा था कि वह गलत लाइन में आ गए। उनके माता-पिता भी निराश हो गए। कई दोस्तों ने कॉलेज में आगे पढ़ाई तक की सलाह दे डाली थी। उदित नारायण के मुताबिक उन्हें नेपाल में एक प्रोग्राम में मैथिली गाना गाने का मौका मिला। वहां उनके गाने को सुनकर कुछ लोगों ने रेडियो पर गाने की सलाह दी। 1971 में पहली बार काठमांडू रेडियो पर गाने का मौका मिला, जो कि उनके करियर के लिए यादगार साबित हुआ। ‘सुन-सुन-सुन पनभरनी गे तनी घुरीयो के ताक’ गीत मैंने गाया,जो श्रोताओं को काफी पसंद आया और धीरे-धीरे नेपाल के संगीत के क्षेत्र में कदम बढ़ता चला गया।
शादीशुदा होते हुए की दूसरी शादी…
उदित की दो शादियां हुई हैं। उन्होंने पहले शादी रंजना झा और दूसरी दीपा गहतराज से की थी। उदित का नाम उस वक्त विवादों में फंस गया था जब रंजना झा ने उन पर धोखाधड़ी और बिना तलाक दिए दूसरी शादी करने का आरोप लगाया था। शुरूआत में उदित शादी की बात के लिए राजी नहीं हुए। तब रंजना ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और फिर फोटोज और डाक्यूमेंट्स दिखाने के बाद उदित शादी की बात पर राजी हुए। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें दोनों बीवियों को साथ रखने का आदेश दिया था। बता दें, उन्होंने दूसरी शादी दीपा नारायण से की है, जो खुद एक सिंगर हैं। दीपा से उन्हें एक बेटा आदित्य नारायण है, जो सिंगर और एक्टर हैं।
नेपाली गानों से शुरू किया करियर…
उदित ने अपने सिंगिंग करियर की शुरूआत नेपाली फिल्म ‘सिंदूर’ से की थी। साल 1978 में वह मुंबई आ गए। 1980 में उन्हें पहली बार किसी फिल्म में गाने का मौका मिला, लेकिन उन्हें असली कामयाबी मिली सुपरहिट फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’ के जरिए। इस फिल्म में गाए ‘पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा’ सॉन्ग के लिए उन्हें पहली बार बेस्ट मेल सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।
इन फिल्मों के गानों ने दिखाई पहचान…
उदित नारायण को साल 2009 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री अवॉर्ड से नवाजा गया था। अपनी जादू भरी आवाज की वजह से उन्हें तीन बार बेस्ट सिंगर का नेशनल अवॉर्ड भी मिल चुका है। इसके साथ ही उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट सिंगर के 5 अवॉर्ड भी मिले हैं। उन्हें यह अवॉर्ड फिल्म ‘कयामत से कयामत तक’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘राजा हिंदुस्तानी’, ‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘आशिकी’, ‘लगान’ जैसे सुपरहिट फिल्मों के लिए मिले हैं।
भतीजी की शादी में खुली दूसरी शादी की पोल
पहली पत्नी के होते हुए सिंगर ने मुंबई आकर दूसरी शादी कर ली थी। जब पहली पत्नी को ये सब पता चला तो मौका देखकर उन्होंने खूब हंगामा कर दिया। हंगामा ऐसा कि होटल छोड़कर निकलना पड़ा। दरअसल, उदित नारायण की भतीजी की शादी थी। वह अपनी पत्नी दीपा के साथ शादी में शामिल होने पटना गए थे। शादी से लौटकर वह होटल के कमरे में सोने की तैयारी ही कर रहे थे कि तभी करीब 100-150 लोग उनके होटल के बाहर जमा हो गए और हंगामा करने लगे। वह लोग उदित नारायण पर गंभीर आरोप लगा रहे थे। उदित नारायण ने मानने से जब किया इनकार- मामला बिगड़ता देख होटल स्टाफ उदित नारायण के पास आया और उन्हें लोगों की शिकायत के बारे में बताया। स्टाफ ने कहा- कुछ लोग आए हैं, जिनका कहना है कि उनके साथ एक महिला है जो आपकी पत्नी है।ह्ण उदित नारायण ने जवाब दिया, ह्यमेरी एक ही पत्नी है, जो अभी कमरे में मेरे साथ है। कोई और पत्नी होने का सवाल ही नहीं उठता।
दस्तावेजों के साथ पहली पत्नी पहुंची थीं होटल- सिंगर का जवाब सुनने के बाद होटल स्टाफ ने बताया कि बाहर रंजना झा नाम की एक महिला खड़ी है, जो खुद को आपकी पत्नी बता रही है। इतना ही नहीं वह अपने साथ शादी की तस्वीरें भी लाई है और बैंक अकाउंट की पासबुक की लेकर आई है, जो उदित नारायण और रंजना झा का जॉइंट अकाउंट है। महिला ने यह भी बताया कि उसका और उदित नारायण की शादी 1984 में हुआ था। जब होटल से पुलिस ने पहुंचाया एयरपोर्ट- होटल स्टाफ की बातों के सुनकर दीपा ने कहा कि वह उदित को 1978 से जानती हैं और उनकी शादी 1982 में देवी काली मंदिर में हुई थी। इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंची और दोनों महिलाओं के बयान सुनकर बेहद परेशान हो गई। उधर आनन-फानन में पुलिस ने उदित नारायण उनकी दूसरी पत्नी को वहां से निकाला और एयरपोर्ट पहुंचाया।
जब बिहार महिला आयोग पहुंच गई थीं रंजना झा- इसके बाद रंजना झा ने बिहार महिला आयोग में शिकायत की। रंजना की बातों में सच्चाई देखकर उदित नारायण के रिश्तेदार भी रंजना के साथ आ गए। उधर आम जनता ने भी रंजना का समर्थन करना शुरू कर दिया। बस फिर क्या था अखबारों से लेकर रेडियो तक में उदित नारायण और रंजना के चर्चे हो रहे थे। रंजना झा के समर्थन में जब आया नेपाल रेडियो- रंजना झा के समर्थन में नेपाल रेडियो ने उदित नारायण के गानों पर पाबंदी तक लगा दी, हालांकि जब मामला अधिक बड़ा तो उदित नारायण ने स्वीकार कर लिया कि रंजना झा उनकी पत्नी हैं। फैसला सुनाया गया कि सिंगर को दोनों पत्नियों को साथ रखना होगा। दोनों पत्नियों के बीच नहीं है मनमुटाव- मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उदित नारायण की दोनों पत्नी रंजना और दीपा के बीच किसी भी तरह का मनमुटाव नहीं है। एक इंटरव्यू में उदित नारायण ने भी कहा था कि दीपा रंजना के बीच सब ठीक है। दोनों के बीच विवाद क्यों होगा। मैं रंजना को हर महीने का खर्चा देता हूं। आखिर विवाद क्यों ही होगा। सब ठीक है। बता दें उदित नारायण को पहली पत्नी से कोई औलाद नहीं है।






