चैलेंज, भोपाल।

सिंधी मेला समिति द्वारा 13 एवं 14 अप्रैल को लालघाटी स्थित सुंदरवन गार्डन में दो दिवसीय पारिवारिक सिंधी मेले का आयोजन किया जा रहा है। सिंधी मेला समिति का आयोजन इस वर्ष अपने 27वे वर्ष में प्रवेश कर रहा है। सिंधी मेला समिति के अध्यक्ष मनीष दरयानी ने बताया कि मेले की शुरूआत भगवान झूलेलाल के बहिरणा साहिब व द्वीप प्रज्वलन के साथ की जायेगी, साथ ही गीत संगीत मनोरंजन के लिए मुंबई के शुभम नाथानी बैंड को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।

साथ ही इस वर्ष इस मेले सिंधी यूथ फेस्टिवल का भी आयोजन किया जा रहा है जिसमें सिंधी समाज के युवाओं द्वारा अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए सिंधी मेला समिति द्वारा मंच उपलब्ध करवाया जा रहा है। साथ ही मेले में तारक मेहता उल्टा चश्मा के फैम डॉ हाथी (निर्मल सोनी) उनकी पत्नी कोमल (अंबिका रंजनकर) एवं जूनियर देवआनंद (किशोर भानुशाली) को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा बच्चों के मनोरंजन के लिए झूलो के साथ साथ ऊट और घोड़ों की सवारी, सिंधी फन क्विज, म्यूजिकल चेयर रेस और छेज (सिंधी डांडिया) की भी विशेष प्रस्तुति होगी।साथ ही विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

इसके अलावा सिंधी व्यंजनों के स्टाल भी इस दो दिवसीय सिंधी मेले में आकर्षण का केंद्र रहेंगे। सिंधी मेले में वरिष्ठ समाजसेवी स्व. उत्तमचंद ईसरानी, स्व. दादा गोविंदराम बतरा, स्व. शौकत राय कटारिया और स्व. काका कीमत राय नागदेव जी की स्मृति में सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले समाज सेवियों को भी सम्मानित किया जाएगा।साथ ही चेटीचंड पर आयोजित झूलेलाल शोभायात्रा में सम्मिलित झांकियों में से श्रेष्ठ झांकियों को सिंधी सेंट्रल पंचायत द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा शान ए सिंधयित, ओल्ड इज गोल्ड, लकी फैमिली आॅफ द ईव जैसे पुरस्कारों का वितरण भी किया जाएगा। उक्त जानकारी रविवार को सिंधी मेला समिति द्वारा आयोजित पत्रकारवार्ता में दी गई। इस अवसर पर प्रमुख रूप से विधायक भगवानदास सबधानी, मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष मनोहर ममतानी, अध्यक्ष मनीष दरयानी, नरेश तलरेजा. के.एल. दलवानी, पीतांबर लाल राजदेव, अशोक माटा, राजेश मेघानी, सहित समाज के गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में मात्रशक्ति उपस्थित रही।

यहां पर हम बता दें कि समाज का युवा समाज से उस तरह से नहीं जुड़ा जिस तरह से जुड़ना चाहिए। बच्चों की हमेशा मां-बाप की जिम्मेदारी है कि वे अपने समाज के लिए उन्हें जागरुक करें और समाज का महत्व बताएं। पर ऐसा कम ही घरों में होता जिसके कारण लगभग सभी समाजों के लोग अपने समाजों और सामाजिक कार्यों से अलग होते जा रहे हैं। जिस पर गंभीर विचार करना चाहिए। यहां तक की समाज की बैठक में लोग देर से आते हैं या ये कहें कि बैठक खत्म होने से पहले अपनी मौजूदगी दर्ज कराने पहुंच जाते हैं। यह उचित नहीं। युवाओं को समाज के प्रति जवाबदेही तय करते हुए सामाजिक कार्यों और बैठकों में सहभागिता करनी चाहिए।

 

Shashi Kumar Keswani

Editor in Chief, Challenge News Paper

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here