CHALLENGE, भोपाल
सिंधी सेंन्ट्रल पंचायत द्वारा आयोजित नशा जहर है. जीवन पर कहर है-परिचर्चा- एक गार्डन में बड़ी संख्या में उपस्थित युवाओं, महिलाओं और समाज सेवियों नें जबरदस्त उत्साह के साथ इस पहल को सराहा । डा. रश्मी निचलानी और डा. राकेश सुखेजा ने पावर पाइंट प्रेजेन्टेशन देकर अपनी बात उपस्थितों को समझाई। डा. रश्मी निचलानी ने जहां बिगड़ती लाइफ स्टाइल और नशे के चलते कैन्सर, लकवा जैसे रोग के कारणों पर विस्तार से बात की तो वहीं डा. राकेश सुखेजा ने नशे के साथ ही सोशल मीडिया और हर प्रकार के लत, एडिक्शन और उसके प्रभावों पर लोगों का ध्यान खींचा। उन्होनें एक साथ क्रिकेट खेल शुरू करनें वाले विनोद कांबली और सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए नशे के कारण अपना भविष्य खराब करने वाले विनोद कांबली के उदाहरण के साथ फिल्म कलाकार संजय दत्त का भी उदाहरण भी दिया जिसे नशे की लत के चलते जेल तक जाना पड़ा ।

युवा इन्फ्लुएंसर अनिशा चिमनानी ने हुक्के के सेवन को लेकर अपने अनुभवों को साझा किया और बताया कि वे कम से कम 100 लोगों को नशे की लत से बाहर ला चुकी है। दीपक राजानी ने नशे के सौदागरों द्वारा ऐसा ड्रग बेचने की बात बताई जिससे युवा नपुंसक तक हो रहे हैं। उन्होनें नशे के मनोरंजन से हटकर युवाओं को खेल में रूचि जगानें की बात की । मुख्य अतिथि भगवानदास सबनानी में काकटेल पार्टी, युवाओं की आफ्टर काकटेल पार्टी के कारण विवाह जैसे पवित्र बंधन के संस्कारों में होनें वाली देरी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंनें उपस्थितों से आग्रह किया कि माता पिता अपने बच्चों के लिये समय निकालें । माता पिता के प्यार और समय की कमी के कारण युवा इस तरफ न जायें यह सभी को ध्यान रखना चाहिये ।

पंचायत के अध्यक्षय किशोर तनवानी की मांग पर सभी ने सहमति व्यक्त की कि भोपाल में शासन अविलंब हुक्का बार बंद करवाये इस पर सबनानी ने समाज की भावानाओं को मुख्यमंत्री के ध्यान में लाने का आश्वासन दिया । पंचायत के मुख्य सलाहकार ने सर्वप्रथम विषय प्रवर्तन करते हुए माता-पिता से आव्हान किया कि सभी परिवार जन पंचायत की इस मुहिम में सक्रियता से साथ दें। हमारे युवा नशे के कारण लाचार नहीं वरन स्वस्थ रहकर अपनों और समाज को सहारा देने वाले बने ।


CHALLENGE एक्सपर्ट व्यू
कोई भी समाज अपनी जागरुकता के अलावा सरकार के भरोसे किसी भी लत से बाहर नहीं आ सकता। सिंधी समाज हमेशा अपने कर्तव्यों को अच्छी तरह जानता है। संघर्ष से बना यह समाज अपने युवाओं को सही दिशा देने में उतना सक्षम नजर नहीं आता, जितना होना चाहिए। उसके लिए माता-पिता को भी जिम्मेदार माना जा सकता है। जमीन से आसमान तक पहुंचा यह समाज उस आसमान पर अपना मुकाम बनाए रखने के लिए बहुत से त्याग करने पड़ते हैं। समाज ने पैसा तो खूब कमा लिया, अब जीवन को सही दिशा में लेकर जाना और देशहित में कार्य करने के साथ साथ राजनीति, ब्यूरोक्रेसी का भी भागीदार बनना पड़ेगा वर्ना आने वाले समय समाज के लिए काफी दिक्कतें बढ़ेंगी। सिंधी समाज में दिखावा बढ़ता जा रहा है, जिसके खामियाजे भी भुगतने पड़ रहे हैं। शादियों में लंबे कार्यक्रम, जरूरत से ज्यादा शराब का सेवन समाज के लिए घातक सिद्ध होगा। युवाओं को समाज के कार्यों में भागीदार बनाने के लिए प्रेरित करना होगा। यह अलग बात है कि इस कार्यक्रम में युवाओं की उपस्थिति कम थी, जिसके लिए यह आयोजन किया गया था, वहीं लोग लापता थे। लेकिन परिवारों की नैतिक जिम्मेदारी बनती है, खासतौर पर माता-पिता की कि युवाओं को समाज से जोड़ने के लिए प्रेरित करें।






