शशी कुमार केसवानी/ फिल्मी फ्राइडे
नमस्कार दोस्तों, आज बात करते हैं एक ऐसी अभिनेत्री की जो आई तो थी मॉडलिंग और फैशन डिजाइनर बनने। पर किस्मत का खेला देखिए उसे टीवी सीरियल और फिल्मों की तरह ऐसे खींचा जा रहा था कि कुदरत यह चाहती है कि वह फिल्मों और टीवी पर रहे और फिर अभी कुछ ऐसा ही। जी हां दोस्तों मैं बात कर रहा हूं टीवी और फिल्मों की अदाकार मंदिरा बेदी की। जिन्होंने पापड़ तो खूब बेले और वह मुकाम भी हासिल किया, जिसे वह पाना चाहती थीं। हालांकि उनका विवादों से नाता हमेशा जुड़ा रहा। पर वे उनसे कभी घबराई नहीं। उनका डटकर सामना करती रहीं। वह सबसे ज्यादा विवादों में अपने कपड़ों और स्टाइल को लेकर रहीं। इनको लेकर उन पर खूब भद्दे कमेंट भी किए गए। लेकिन उन्होंने इन बातों पर ध्यान न देते हुए अपने कदम को आगे बढ़ाती चलाती गई। आईए जानते हैं उनके कुछ अनछुए पहलुओं के बारे में।
पॉपुलर एक्ट्रेस मंदिरा बेदी का जन्म 1972 को कोलकाता में हुआ था। दूरदर्शन के शो शांति से अपनी पहचान बनाने वाली मंदिरा पहली महिला स्पोर्ट्स एंकर थीं। उन्होंने 2003 में सोनी के साथ अपना स्पोर्ट्स जगत में सफर शुरू किया। शांति हो या आईसीसी वर्ल्ड कप की होस्टिंग, मंदिरा दोनों ही रोल में फिट बैठी थीं। लेकिन मंदिरा का सफर आसान नहीं रहा। उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए काफी संघर्ष और ट्रोल्स का सामना करना पड़ा। वह तब से ट्रोल्स का शिकार हो रही हैं, जब सोशल मीडिया का चलन भी नहीं था। लेकिन हर बार मंदिरा ने ट्रोल्स का डटकर सामना किया और चट्टान की तरह खड़ी रहीं। यहीं वजह है कि आज वह अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाब रही हैं।
मंदिरा का किरदार शांति में एक साधारण सी लड़की का था, जिसके मजबूत इरादे थे। 2003 में जब उन्होंने क्रिकेट शो करना शुरू किया था, तो उनका पहनावा भी मॉर्डन हुआ और अंदाज भी। होस्टिंग के लिए उन्हें खूब सराहा गया, लेकिन इसे लेकर उन्हें बेवजह निशाना भी बनाया गया। उनके कपड़ों पर भद्दे कमेंट किए गए। लेकिन लोग उन्हें देखते भी थे और सुनते भी थे। पर आदमी अपने स्वभाव से बाज नहीं आता। अपने आपको बेहतर बताने के लिए किसी न किसी को तो छोटा और खराब करना ही पड़ता है। असल में बोलने वाले के शब्दों से यह जाहिर हो जाता है कि उसकी नीयत क्या है बोलने की। हालांकि इसके बाद भी वह अपने कपड़ों से शो में ग्लैमर का ज्यादा तड़का लगाती हैं। उनके इस ग्लैमर को लेकर लोगों का कहना था कि इससे खेल की गंभीरता कम हो जाती है। जबकि अब क्रिकेट ग्लैमर का खेल ही बनकर रह गया है। यह हकीकत है कि मंदिरा ने इसकी शुरुआत की थी अब इस पर मुहर लग गई है। होस्टिंग के दौरान अपने साथ हुए बर्ताव को लेकर मंदिरा ने एक बातचीत में बताया था कि मैं अपने काम के लिए बहुत मेहनत करती हूं, लेकिन लोगों को मेरे ब्लाउस की स्ट्रेप ही दिखाई देती है।
इतना ही नहीं मंदिरा जब होस्टिंग के दौरान क्रिकेटरों से सवाल करती थीं, तो वह उन्हें पसंद नहीं आते थे। वह उन्हें घूरते या फिर कुछ भी जवाब दे देते थे और इसी बात से मंदिरा डरती थीं। मंदिरा ने बताया था कि कोई भी ये नहीं चाहता था कि वह शो को होस्ट करें। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी हुई। हालांकि चैनल ने उनका साथ दिया और उन्हें काम करने की पूरी आजादी दी। मंदिरा ने 2003 और 2007 के वर्ल्ड कप में एक्स्ट्रा इनिंग्स की एकरिंग की थी। इसके बाद 2004 और 2006 में उन्होंने चैंपियस ट्राफी और आईपीएल का दूसरा सीजन भी होस्ट किया था। वहीं, उन्हें क्रिकेट की जानकारी न होने की वजह से भी काफी परेशानी का समाना करना पड़ा।
2007 के क्रिकेट वर्ल्ड कप से दौरान भी मंदिरा की साड़ी को लेकर बवाल हुआ। इस दौरान अभिनेत्री ने जो साड़ी पहली थी उसमें सभी टीमों के झंडे लगे थे। इसे लेकर मंदिरा की खूब आलोचना हुई थीं, जिसके बाद उन्होंने माफी भी मांगी थी। वहीं क्रिकेट के बारे में कम जानकारी होने को लेकर भी उन्हें टोका जाता था। शुरूआत में मंदिरा इस सबसे परेशान हो जाती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने अपने काम पर फोकस करना शुरू कर दिया और इस सब पर ध्यान देना बंद कर दिया।
मंदिरा को उनका फिटनेस के लिए भी जाना है और अक्सर वह अपने फोटो और वीडियो शेयर करती हैं। ऐसे में कई बार उन्हें अपने फोटोज के लिए भी ट्रोल का शिकार होना पड़ा। उनके लिए काफी भद्दे-भद्दे कमेंट्स किए गए। यहीं नहीं, जब मंदिरा ने 2020 में अपनी बेटी तारा को गोद लिया और इसकी जानकारी दी तो ट्रोल्स ने इसमें भी वजह ढूंढ ली उनकी बेटी को गली और कचरे से उठाकार लाया गया बताया। वहीं, मंदिरा पर भी अपना पीआर को चमकाने के लिए बच्ची को गोद लेने की बात कही गई। मंदिरा ने अपने करियर में सीरियल और होस्टिंग से लेकर फिल्मों में भी काम किया है और वह इस सब के दौरान कई बार सवालों के घेरे में भी आईं। हद तो तब हो गई जब वह अपनी जिंदगी के सबसे बड़े दुख का सामना कर रही थी और ट्रोल्स ने तब भी उन्हें निशाने पर ले लिया। 2021 में जब उनके पति का निधन हुआ तो संस्कार और कपड़ों को लेकर उनकी जमकर आलोचना की थी।
उन्हें खासतौर से 90 के दशक के टीवी शो ‘शांति’ के लीड रोल के लिए जाना जाता है।इस पारिवारिक शो में मंदिरा ने एक ऐसी लड़की (शांति) का किरदार निभाया था, जो अपने हक की लड़ाई लड़ती नजर आती है। इस शो से मंदिरा बेदी घर-घर में शांति के नाम से ही जानी जाने लगी थीं। इसके बाद मंदिरा ने ‘औरत’ और ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ जैसे कुछ सीरियल्स में भी काम किया। ‘शांति’ में ग्लैमर और चकाचौंध से दूर रहने वाली मंदिरा बेदी आज अपनी स्टाइल और ग्लैमरस अंदाज के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने बतौर एंकर आईपीएल सीजन-3 का कवरेज किया था। इस दौरान उनके द्वारा पहनी गईं साड़ियां काफी पॉपुलर हुईं। 2014 में में उन्होंने खुद का साड़ी स्टोर भी लॉन्च किया है। मंदिरा ने प्यार के इजहार के दिन यानी वेलेंटाइन डे के दिन शादी की थी। 14 फरवरी 1999 को उन्होंने फिल्ममेकर राज कौशल के साथ सात फेरे लिए। दोनों का एक बेटा है, जिसका जन्म 19 जून 2011 को हुआ है। शादी के 11 साल बाद मां बनने पर मंदिरा ने अपने करियर का हवाला दिया था। उन्होंने अपने बेटे का नाम वीर रखा है। इसके बाद मंदिरा ने जुलाई 2020 में एक बेटी गोद ली जिसका नाम उन्होंने तारा रखा है।
पति की मौत पर बोलीं मंदिरा – पहला साल बहुत कठिन था पर अब…
मंदिरा बेदी ने साल 2021 में अपने पति राज कौशल को खो दिया था। वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं और नए-नए पोस्ट शेयर करती हैं। पति की मौत के बाद आजतक मंदिरा बेदी ने इस बारे कभी खुलकर बात नहीं की। पहली बार उन्होंने बताया कि इस गम से वह कैसे बाहर आईं और उनकी जिंदगी अब कैसी चल रही है। मंदिरा ने बताया कि पति को खोने के बाद पहला साल उनके लिए सबसे मुश्किल था, लेकिन धीरे-धीरे सब थोड़ा ठीक होता गया। उन्होंने कहा, मैं और मेरे बच्चे हर दिन उनके बारे में सोचते हैं। ऐसा नहीं है कि मैं भूल गयी हूं। पहला साल बहुत, बहुत, बहुत, बहुत कठिन था। हर चीज में से पहली चीज से निपटना बिल्कुल असंभव होता है। पहला जन्मदिन, पहली सालगिरह, पहली दिवाली, पहला क्रिसमस, पहला नया साल। दूसरा थोड़ा आसान है, तीसरा थोड़ा और आसान है मंदिरा बेदी ने बताया कि इस दुख से बाहर आने के लिए उन्होंने खुद को काम में झोंक दिया। उन्होंने कहा, ऐसे भी पल आते हैं जब हम उन्हें किसी गाने की वजह से याद करते हैं। मैंने वो थैरेपी कर ली है जिसकी मुझे जरूरत थी, कई बार मैं अब भी इसे करती हूं। एक इंसान होने के नाते आप हमेशा आगे बढ़ने के लिए काम करते हैं। अब मैं इसके बारे में बात कर सकती हूं। यह मुझे इमोशनल कर देता है, लेकिन मैं कर सकती हूं। एक समय था जब मैं नहीं कर सकती थी। लेकिन मैं टूटूंगी नहीं ऐसा होने के दो महीने बाद मैंने काम करना शुरू कर दिया। मुझे अपने परिवार और खुद को सपोर्ट करना है। मुझे अपने बच्चों के लिए ये करना है। मंदिरा ने कहा कि कुछ ऐसी चीजें हैं जिन्हें करने में उन्हें अभी भी मुश्किल आती है। छह साल हो गए जब मेरे पास उनकी कार थी। और मुझे इसे अब बेचना होगा। मैं इमोशनल कारण से इसे अपने पास रख रही थी, और अब जब यह चली जाएगी तो मैं आंसू बहाऊंगी। मंदिरा ने कहा कि वो इस दुख से काफी हद तक निपट चुकी हैं, लेकिन अपने पति को खोने के लिए वह हमेशा दुखी रहेंगी।
दिलचस्प रही लव स्टोरी
राज कौशल और मंदिरा बेदी की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। दरअसल, दोनों की प्रेम कहानी की शुरूआत भी फिल्म के सेट पर हुई थी। एक बार राज टीवी शो ‘फिलिप्स-10’ के लिए आॅडिशन ले रहे थे, जहां मंदिरा भी आॅडिशन देने के लिए पहुंची थीं। राज पहले से ही मंदिरा बेदी की काबिलियत के कायल थे और आॅडिशन के दौरान जब दोनों की नजरें टकराईं तो उनकी गाड़ी लव ट्रैक पर चल निकली। आॅडिशन के बाद मंदिरा और राज की मुलाकातों का सिलसिला शुरू हो गया। वहीं, साल 1996 के आखिर तक दोनों एक-दूसरे के लिए सीरियस हो गए। आलम यह रहा कि महज तीन मुलाकात के बाद ही दोनों एक-दूसरे को अपना हमसफर बनाने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद राज कौशल ने मंदिरा को अपने माता-पिता से मिलवा दिया। बेटे राज की मोहब्बत देखकर उनके घरवाले इस रिश्ते के लिए तुरंत ही मान गए थे। हालांकि, मंदिरा के माता-पिता को मनाने के लिए राज कौशल को काफी पापड़ बेलने पड़े थे। दरअसल, उनकी इच्छा थी कि वह अपनी बेटी की शादी सिर्फ और सिर्फ निर्देशक से ही करेंगे। राज ने उन्हें मनाने के लिए खूब पापड़ बेले, जिसके बाद दोनों शादी के लिए तैयार हो गए। बता दें कि राज और मंदिरा ने वैलेंटाइन डे के दिन सात फेरे लिए थे और एक-दूसरे का हाथ हमेशा-हमेशा के लिए थाम लिया। हालांकि, जिंदगी की डोर ने उन्हें हमेशा-हमेशा के लिए जुदा कर दिया है।






