CHALLENGE, इंदौर।
सिंध के अंतिम सम्राट बलिदानी सिंधुरत राजा दाहिरसेन के बलिदान दिवस पर खंडवा रोड स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में व्कन, सिंधी विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट वितरण के साथ सिंधी लोक गीत लाडो पर नृत्य के साथ सिंधी नाटक का मंचन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद के सदस्य एवं कार्यक्रम संयोजक मनीष देवनानी ने बताया राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार, इनोवेटिव सोसायटी फॉर पीपल्स अवेयरनेस एवं केयर एंड एजुकेशन समिति इंदौर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी (अजमेर), राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद के उपाध्यक्ष महन मंगनानी, परिषद के निदेशक रवि
टेकचंदानी एवं सांसद शंकर लालवानी
शामिल हुए। इस मौके पर लालवानी ने कहा- संस्कृति और भाषा से समान की पहचान होती है। आज की युवा पीढ़ी को सामाजिक संस्कार के साथ-साथ समाज की संस्कृति और भाषा से रूबरू कराने के लिए ऐसे आयोजन आवश्यक होते हैं और जितना हम अपनी मीठी भाषा से जुड़ेंगे उतना भाषा का और संस्कृति का विकास होगा।
नमोश तलरेजा एवं विनीता मोटलानी ने मलया आयोजन की शुरूआत में सिंथ के अंतिम सम्राट के स्मृति दिवस पर ‘मंथन’ सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें ईश्वर झामनानी, विजय कोटवानी पुणे, ऋतु भाटिया अहमदाबाद, के लोकेंद्र फतनानी नीमच, नादिया मसंद व प्रर कविता इसरानी भोपाल ने संबोधित की किया। सेमिनार के बाद मुंबई की सिंधु ए सखा संगम संस्था के कलाकारों व स्प निर्देशक जूही तेजवानी एवं लेखक निखिल राजपफल द्वारा लिखित ‘ओह स मुहींना फूलेलाल सिंथी नाटक का मंचन 16 किया गया। सुजाग संगम के कलाकारों आं द्वारा सिंधी लोकगीतों की प्रस्तुतियां दी वि गई। साथ ही सिंधु शोध पीठ में सिंधी की एमए के पहले सेमेस्टर में पास विद्यार्थियों वि का सम्मान भी किया गया। आभार या जवाहर मंगवानी ने माना।






