विजय थावानी
सभी भाषाओं का ज्ञान होना चाहिए मगर सर्वप्रथम अपनी मातृभाषा का ज्ञान होना बहुत जरूरी है क्योंकि भाषा ही शरीर की आत्मा है। भाषा ही अपनी पहचान है उक्त विचार प्रदेश उपाध्यक्ष गोपी गेलानी ने मातृभाषा दिवस के अवसर भारतीय सिन्धु सभा द्वारा अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर अमर शहीद हेमू कालाणी पार्क परिसर में आयोजित विचार गोष्टी मे व्यक्त किये। इस अवसर पर संभाग प्रभारी मनोहर आर्तनी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विक्रम चौधरी युवा शाखा प्रदेश मंत्री विनोद गेलानी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरूआत अमर शहीद हेमू कालाणी जी एवं महंत स्वामी बाबा मेहरशाह जी के चित्र पर माल्यार्पण कर की। कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए महामंत्री अशोक चांदवानी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी जाति या कोम की पहचान उसकी मातृ भाषा से ही होती है हमारी संस्कृति एवम् मातृ भाषा अत्यन्त प्राचीन हैं यह बड़े ही गर्व की बात है। विक्रम चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि ऐसे आयोजन संस्था द्वारा निरंतर होने चाहिए।
वहीं संभाग प्रभारी मनोहर आर्तनी ने कहा कि घर में हमे अपने बच्चों से सिंधी भाषा में ही बातचीत करना चाहिए। विचार गोष्ठी में श्री प्रहलाजराय भावनानी विनोद गेलानी रंजीत सेनानी घनश्याम मंघरानी संजय वाधवानी प्रकाश डोडानी ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का सफल संचालन संस्था के महामंत्री अशोक चांदवानी ने किया एवं आभार श्री मनोहर आरतानी जी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर गोपी गेलानी मनोहर आर्तनी विक्रम चौधरी विनोद गेलानी अशोक चांदवानी घनश्याम मंघरानी संजय वाधवानी रंजीत सेनानी संजय आहूजा पहलाज राय भावनानी नारायणदास गुलाबी किशोर पारवानी गोपी सेनानी एवं समाज के कई समाजसेवी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।






